आठ-दिवसीय रंगमंच कार्यशाला का सफल आयोजन, दो नाटकों का हुआ मंचन।
खूँटी 1 नवंबर झारखंड के सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, पर्यटन, कला, संस्कृति, खेल एवं युवा विभाग के सौजन्य से अल्मा मेटर संस्था द्वारा आयोजित एक आठ-दिवसीय रंगमंच कार्यशाला का आज समापन हो गया। यह कार्यक्रम 25 अक्टूबर से 1 नवंबर, 2025 तक चला।कार्यशाला के पहले सात दिनों में 25 कलाकार-प्रतिभागियों को अभिनय और संगीत का गहन प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण का परिणाम आठवें और अंतिम दिन देखने को मिला, जब प्रतिभागियों ने दो मार्मिक नाटकों – ‘बेटी छुआ ‘ और ‘सड़क की पाठशाला’ का सफल मंचन किया।इस समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व सांसद एवं पूर्व मान्य मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा जी के प्रतिनिधि, मनोज कुमार जी थे। इस अवसर पर अल्मा मेटर संस्था के अध्यक्ष चैतन्य कुमार गंझु और सचिव भूपेंद्र कंसारी भी मंच पर उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में, मुख्य अतिथि मनोज कुमार जी ने सभी 25 प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित कर उनका सम्मान किया। इसके बाद, एक फीडबैक सत्र का आयोजन किया गया, जहाँ सभी कलाकारों ने आठ दिनों की इस कार्यशाला के अपने अनुभव साझा किए।इस कार्यक्रम की सफलता में चार प्रशिक्षकों के योगदान को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। अभिनय का प्रशिक्षण हरी लाल महतो एवं राजेंद्र महतो द्वारा दिया गया, जबकि नाटकों का निर्देशन भूपेंद्र कंसारी ने किया। सभी प्रतिभागियों ने संगीत की शिक्षा उमेश जी से प्राप्त की।अल्मा मेटर संस्था के अध्यक्ष चैतन्य कुमार गंझु ने इस कार्यशाला की सफलता पर प्रसन्नता जताई और भविष्य में इसी तरह के सांस्कृतिक आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया।अल्मा मेटर एक सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्था है, जो स्थानीय कलाकारों को मंच प्रदान करने तथा रंगमंच एवं अन्य ललित कलाओं को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है।