मुरहु में कचरे के पहाड़ ने बढ़ाई जनता की मुश्किलें, प्रशासन की सुनवाई नहीं।
खूंटी: मुरहु बाजार और मुख्य चौक इन दिनों कचरे के बढ़ते अम्बार की समस्या से जूझ रहा है, जिससे न केवल आसपास दुर्गंध फैली हुई है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर संक्रमण का खतरा भी मंडरा रहा है। इसके बावजूद प्रशासनिक अमला मौन साधे हुए है, जबकि समस्या से निपटने के लिए पहले से ही मशीनें मौजूद हैं।मुरहु के उप प्रमुख अरुण साबू ने बताया कि इस गंभीर मुद्दे को लेकर जिला के उप विकास आयुक्त को कई बार लिखित में आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक सिर्फ औपचारताएं ही निभाई गई हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत मुरहु ब्लॉक में लगी कचरा बाइंडिंग मशीन को दो साल पूरे हो चुके हैं, लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते मशीन बेकार पड़ी है और स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। “सरकारी धन तो खर्च हो गया, लेकिन स्वच्छता के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है,” उप प्रमुख साबू ने कहा।जानकारी के अनुसार, मुरहु बाजार की सफाई का टेंडर जिला परिषद द्वारा दिया गया था, लेकिन ठेकेदार द्वारा कचरा न हटाए जाने की स्थिति बनी हुई है। हैरानी की बात यह है कि उप विकास आयुक्त द्वारा इस मामले की जांच भी पहले कराई जा चुकी है, फिर भी ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन, स्थानीय जनता दुर्गंध और गंदगी के बीच रहने को मजबूर है।उप प्रमुख साबू ने बताया कि पंचायत समिति की बैठकों में भी इस मुद्दे को बार-बार उठाया गया और प्रखंड विकास पदाधिकारी को जिला स्तर पर रिपोर्ट भेजने को कहा गया, मगर समस्या का समाधान नहीं निकल सका। उन्होंने जिला परिषद पर निगरानी न करने का भी आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी केवल फाइलों में काम चलाए जा रहे हैं।इस पूरे मामले में उप प्रमुख अरुण साबू ने प्रेस के माध्यम से खूंटी के जिला उपायुक्त से तत्काल हस्तक्षेप का आग्रह किया है। उन्होंने कहा, “मुरहु की जनता स्वच्छ वातावरण और स्वस्थ जीवन की हकदार है। प्रशासन यदि ठोस कदम उठाए, तो स्वच्छ बाजार देना कठिन नहीं है।”स्पष्ट है कि मुरहु की जनता प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करने को मजबूर है और अब उम्मीद की किरण जिला प्रमुख के हस्तक्षेप में ही नजर आ रही है।