खूंटी में छठ महापर्व का समापन, उदयमान सूर्य को अर्घ्य के साथ पूरी हुई आस्था की यात्रा।
खूंटी, 29 अक्टूबर: लोक आस्था के महापर्व छठ का चार दिवसीय अनुष्ठान आज सुबह उदयमान सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ संपन्न हो गया। जिले के सभी प्रमुख घाटों पर सूर्योदय के पावन क्षणों में हजारों श्रद्धालुओं ने अर्घ्य दिया और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।भोर से ही घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई जिसमेंराजा तालाब, साव तालाब, चौधरी तालाब, दादूल घाट, महादेव मंडा पुराना तालाब, दतिया पाहन तालाब, तजना नदी घाट और सिलादोन तालाब सहित ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घाटों पर भोर से ही श्रद्धालुओं का तांता लग गया। पारंपरिक छठ गीतों की मधुर स्वरलहरियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।महिलाएं और पुरुष पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे, दउरा-सूप लिए घाटों पर पहुंचे। व्रतियों ने कमर तक पानी में उतरकर उदय होते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। हर ओर दीपों की टिमटिमाहट और रंग-बिरंगी लड़ियों से घाटों की शोभा देखते ही बन रही थी।जिला प्रशासन ने सुरक्षा और सुविधाओं का विशेष प्रबंध किया था। सभी प्रमुख घाटों पर पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों और गोताखोरों की टीमों की तैनाती की गई थी। घाटों की सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल और चिकित्सा सहायता की उत्कृष्ट व्यवस्था ने पर्व को सुचारू बनाया।उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रतियों ने 36 घंटे के कठोर निर्जला उपवास का समापन पारण के साथ किया। इसके साथ ही श्रद्धा, संयम और तपस्या से परिपूर्ण यह महानुष्ठान शांतिपूर्वक संपन्न हो गया।चार दिनों तक चले इस पावन पर्व ने पूरे खूंटी जिले को आस्था और भक्ति के अनूठे रंग में रंग दिया, जिसने सामुदायिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किया।