मध्याह्न भोजन योजना की समीक्षा: उप विकास आयुक्त ने मॉनिटरिंग और पौष्टिकता पर जोर दिया।
खूंटी: मध्याह्न भोजन योजना के प्रभावी कार्यान्वयन और नियमित निगरानी को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय स्टीयरिंग-सह-मॉनिटरिंग समिति की बैठक गुरुवार को समाहरणालय स्थित डीआरडीए कार्यालय में आयोजित की गई। उप विकास आयुक्त श्री आलोक कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में योजना के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक के दौरान मुख्य रूप से स्कूली बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और एसएमएस अद्यतन की स्थिति, प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के एकीकरण तथा रसोइयों एवं सहायिकाओं के मानदेय भुगतान जैसे महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई। इन मुद्दों पर गौर करते हुए उप विकास आयुक्त श्री आलोक कुमार ने निर्देश दिया कि मध्याह्न भोजन में पौष्टिकता का विशेष ध्यान रखा जाए और मेनू में हरी सब्जी तथा अन्य पोषक आहारों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।निगरानी तंत्र को मजबूत करने पर जोर देते हुए श्री कुमार ने आदेश दिया कि ब्लॉक शिक्षा पदाधिकारी (बीईओ), ब्लॉक प्रोग्राम ऑफिसर (बीपीओ), ब्लॉक रिसोर्स पर्सन (बीआरपी) और क्लस्टर रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) प्रत्येक माह अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों का नियमित निरीक्षण करें और इसकी ऑनलाइन रिपोर्ट प्रस्तुत करें। इससे विद्यालयों का संचालन सुचारू रूप से चलना सुनिश्चित हो सकेगा।उन्होंने कहा कि विद्यालयों में शिक्षकों एवं छात्रों की नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, मिड-डे मील की समय पर आपूर्ति, निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन वितरण तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ समय से पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे पूरी तत्परता के साथ न केवल बच्चों के शैक्षणिक विकास, बल्कि उन्हें स्वच्छता, शिष्टाचार जैसे अन्य आवश्यक विषयों के प्रति भी जागरूक करें, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला शिक्षा अधीक्षक सहित सभी संबंधित ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।