आम्रेश्वर धाम: जहाँ श्रद्धा की हर किरण पूरी करती है हर एक मनोकामना। भक्तों की लगती है कतार।

खूंटी जिले का ऐतिहासिक और आध्यात्मिक केंद्र, अंग्राबादी बाबा आम्रेश्वर धाम मंदिर, इन दिनों भक्तों के अटूट विश्वास और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। जहाँ सावन के महीने में लाखों श्रद्धालु जल चढ़ाने आते हैं और भव्य मेले का आयोजन होता है, वहीं अब हर शनिवार को यहाँ होने वाली भक्तों की भीड़ ने मंदिर को एक नई पहचान दी है।आम्रेश्वर धाम की सबसे खास बात यह है कि यहाँ एक ही परिसर में देवी-देवताओं के मंदिरों का एक विशाल समूह है। भक्तों को अलग-अलग तीर्थ स्थलों पर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ती, बल्कि एक ही स्थान पर सभी देवताओं के दर्शन हो जाते हैं। इसी कड़ी में यहाँ स्थित भगवान शनि का प्राचीन मंदिर भक्तों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है।सावन के अलावा अब हर शनिवार को मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलती हैं। दूर-दूर से लोग अपनी मनोकामनाएँ लेकर यहाँ पूजा-अर्चना करने आते हैं। मान्यता है कि यहाँ सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य सुन ली जाती है और भक्तों की मनोकामनाएँ पूरी होती हैं। इसी विश्वास के चलते शनिवार के दिन मंदिर का माहौल एक उत्सव जैसा हो जाता है।बाबा आम्रेश्वर धाम प्रबंध समिति के महामंत्री मनोज कुमार ने इस बारे में बताया, “बाबा आम्रेश्वर धाम में लोग शनिवार को दूर-दूर से पूजा करने के लिए आते हैं। यहाँ के महात्म्य के कारण भक्तों में अटूट विश्वास है। लोग अपने मन में कामना लेकर आते हैं, पूजा-अर्चना करते हैं और उनकी मनोकामना पूरी होती है।”
